राहु ग्रह का प्रभाव, दोष और उपाय | Rahu Graha in Astrology – Effects, Remedies & Stotram

Sanaatan Gyaan
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🔯 राहु ग्रह: प्रभाव, दोष और उपाय

राहु एक छाया ग्रह है, जो किसी भी जन्मकुंडली में गुप्त प्रभाव डालता है। यह अचानक लाभ, भ्रम, मोह और मानसिक उलझनों का कारण बनता है। शुभ राहु व्यक्ति को राजनीति, रहस्यवाद और तकनीकी क्षेत्र में उन्नति दिलाता है।

राहु ग्रह का प्रभाव, दोष और उपाय  Rahu Graha in Astrology – Effects, Remedies & Stotram


📌 शुभ प्रभाव:

  • राजनीति, फिल्म, जासूसी, तकनीकी क्षेत्र में सफलता।
  • चतुराई, रणनीति और विश्लेषण शक्ति।
  • अचानक विदेशी यात्रा और सम्मान।

⚠️ अशुभ प्रभाव (राहु दोष):

  • मानसिक भ्रम, डर, नींद की समस्या।
  • मादक पदार्थों की आदतें, धोखा, न्यायिक संकट।
  • कालसर्प दोष जैसी स्थितियां उत्पन्न कर सकता है।

🔧 उपाय:

  • नीले रंग की वस्तुएं शनिवार को दान करें।
  • नारियल बहते पानी में प्रवाहित करें।
  • नाग पंचमी और काल भैरव की पूजा करें।
  • “ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः” का 108 बार जाप करें।

🕉️ छोटा राहु स्तोत्र:

अर्धकायं महावीर्यं चन्द्रादित्यविमर्दनम्।
सिंहिकागर्भसंभूतं तं राहुं प्रणमाम्यहम्॥

📜 विस्तृत राहु कवच (Rahu Kavach):

ॐ श्री राहु कवचम् ॥

ॐ राहु शिरो मे पातु, ललाटं लोचनानि च।
श्रवणौ पातु मे राहु, नासिका चास्य रक्षकः ॥

वदनं पातु मे राहु, कण्ठं च वदनाम्बुजः।
भुजौ पातु सदा राहु, हृदयं च महाग्रहः ॥

जठरं पातु चायात्मा, नाभिं मे च महासुरः।
कटिं पातु सुरश्रेढः, ऊरू मे च महासनः ॥

जानुनी पातु मे राहुः, जङ्घे मे च महाबलः।
पादौ पातु च मे नित्यं सर्वाङ्गं च ग्रहाधिपः ॥

इति राहु कवचं दिव्यं सर्वरोग विनाशनम्।
सर्वसम्पत्करं चैव सर्वदुःखनिवारणम् ॥

पठित्वा पाठयित्वा च त्रिसंध्यं श्रद्धयान्वितः।
राहोः पीड़ा विनश्येत्, भुक्तिः मुक्तिश्च लभ्यते॥

॥ इति श्री राहु कवचं सम्पूर्णम् ॥

नोट: राहु की स्थिति जीवन में भ्रम या धोखा उत्पन्न कर सकती है, परंतु सही उपाय और भक्ति से इसके अशुभ प्रभाव को टाला जा सकता है।

🔚 राहु हमें सिखाता है – छाया में भी संभावनाएं होती हैं।

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