मंगल ग्रह (Mangal Graha) – प्रभाव, स्तोत्र और उपाय
मंगल ग्रह के शुभ-अशुभ प्रभाव | Mangal Graha Effects, Stotram & Remedies
🔴 मंगल ग्रह के बारे में
मंगल ग्रह ऊर्जा, साहस, भूमि, वीरता, और संघर्ष का प्रतीक है। यह ग्रह जीवन में गति, क्रिया, आत्मबल और संघर्ष से उबरने की शक्ति देता है। यदि मंगल कुंडली में शुभ हो तो व्यक्ति साहसी, प्रभावशाली और निर्णायक होता है। अशुभ होने पर यह क्रोध, दुर्घटनाएं, रक्त विकार और वैवाहिक समस्याएं ला सकता है।
✅ मंगल ग्रह के शुभ प्रभाव
- साहस और आत्मविश्वास में वृद्धि
- भूमि और प्रॉपर्टी में लाभ
- निर्णय क्षमता का विकास
- स्वास्थ्य और बल की प्राप्ति
❌ मंगल ग्रह के अशुभ प्रभाव
- क्रोध और झगड़े की प्रवृत्ति
- अचानक दुर्घटनाएं या चोट
- रक्त संबंधित रोग
- मंगल दोष से वैवाहिक जीवन में समस्याएं
🕉️ मंगल ग्रह का स्तोत्र (लघु)
धराणीगर्भसंभूतं विद्युत्कान्तिसमप्रभम्।
कुमारं शक्तिहस्तं च मंगलं प्रणमाम्यहम्॥
📜 मंगल ग्रह का विस्तृत स्तोत्र (बड़ा)
ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः।
ॐ अंगारकाय विद्महे शक्ति हस्ताय धीमहि
तन्नो भौमः प्रचोदयात्।
ॐ मंगलाय च विद्महे
शक्तिहस्ताय धीमहि
तन्नो भौम प्रचोदयात्॥
मंगलो भूमिपुत्रश्च ऋणहर्ता धनप्रदः।
स्थिरासनो महाकायो सर्वकर्मविनाशकः॥
लोहितांगः सुरश्रेष्ठो वीर योद्धा महाबलः।
ग्रहपीडा हरं देवमंङ्गलं प्रणम्यहम्॥
🛡️ मंगल ग्रह के उपाय (Remedies)
- मंगलवार को व्रत करें और लाल वस्त्र धारण करें
- हनुमान जी की पूजा और सुंदरकांड पाठ करें
- मंगल स्तोत्र का पाठ करें
- मंगल यंत्र या मूंगा (लाल रंग का रत्न) धारण करें
- "ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः" मंत्र का जाप करें
🔗 निष्कर्ष:
मंगल ग्रह यदि अनुकूल हो तो जीवन में शक्ति, आत्मबल और उन्नति मिलती है। इसके प्रकोप से बचने के लिए नियमित स्तोत्र और उपाय आवश्यक हैं। विशेषकर विवाह के इच्छुक लोगों को मंगल दोष की जांच अवश्य करनी चाहिए।
