बुध ग्रह का प्रभाव, दोष और उपाय | Budh Graha in Astrology
बुध ग्रह को ज्योतिष शास्त्र में बुद्धि, वाणी, व्यापार, तर्क शक्ति का प्रतिनिधि माना जाता है। यह ग्रह व्यक्ति की बोलचाल, व्यवहार, समझदारी और शिक्षा से संबंधित होता है। अगर यह शुभ हो तो व्यक्ति बहुत ही ज्ञानी, समझदार और प्रभावशाली वक्ता होता है।
📌 शुभ प्रभाव:
- तेज़ बुद्धि और निर्णय क्षमता
- सशक्त वाणी और प्रभावशाली संवाद
- व्यवसाय में सफलता
- गणित, विज्ञान और लेखन में रुचि
⚠️ अशुभ प्रभाव (बुध दोष):
- मन में भ्रम और अनिर्णय की स्थिति
- वाणी दोष या बोलने में रुकावट
- व्यवसाय में घाटा
- अनुचित सलाह या धोखे का सामना
🛡️ बुध दोष से बचाव के उपाय:
- हर बुधवार को हरे वस्त्र धारण करें
- गाय को हरा चारा खिलाएं
- बुधवार को गणेश जी की पूजा करें
- बुध ग्रह के बीज मंत्र का जप करें – “ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः” (108 बार)
📜 बुध ग्रह का लघु स्तोत्र (Budh Graha Stotra – Short Version):
प्रियंगु कलिकाश्यामं रूपेणाप्रतिमं बुधम्।
सौम्यं सौम्यगुणोपेतं तं बुधं प्रणम्यहम्॥
📜 बुध ग्रह का विस्तृत स्तोत्र (Budh Graha Stotra – Long Version):
त्वमेव प्रकटं ब्रह्मा त्वं विष्णुश्च महेश्वरः।
त्वमेव सर्वम् खल्विदं बुध देवं नमाम्यहम्॥
चतुर्वेदमयो देव सदा ज्ञानप्रदायकः।
बुद्धि समृद्धिदाता च बुध देवं नमाम्यहम्॥
वाणी विवेक समृद्धिः त्वत्तो जातास्तु निःसंदेहं।
विघ्ननाशकं त्वां नित्यं, बुध देवं नमाम्यहम्॥
स्मृति मेधा विवेकं च त्वं ददासि निजानुग्रहतः।
बुद्धि हीनो यदि मां पातु, बुध देवं नमाम्यहम्॥
यदि आपकी कुंडली में बुध अशुभ स्थिति में है, तो ऊपर बताए गए उपाय और स्तोत्र का नियमित रूप से पालन करें। बुध को प्रसन्न करने से व्यापारिक, बौद्धिक और संवाद संबंधी सभी समस्याओं का समाधान मिल सकता है।
