बृहस्पति ग्रह का प्रभाव, दोष और उपाय | Brihaspati Graha in Astrology
गुरु (बृहस्पति) ग्रह को ज्योतिष में ज्ञान, धर्म, शिक्षा, धन, विवाह और गुरु का कारक
📌 शुभ प्रभाव:
- शिक्षा और ज्ञान में वृद्धि
- धार्मिक और आध्यात्मिक विकास
- वैवाहिक जीवन में सुख
- आदर्श शिक्षक या गुरु का साथ
- न्यायप्रिय और उच्च विचारों वाला व्यक्तित्व
⚠️ अशुभ प्रभाव (गुरु दोष):
- धार्मिक आचरण में कमी
- शिक्षा में बाधा या रुचि की कमी
- अत्यधिक अहंकार या गलत सलाह देना
- धन या विवाह से संबंधित समस्याएं
🛡️ गुरु दोष से बचाव के उपाय:
- गुरुवार को पीले वस्त्र पहनें
- गुरु की पूजा करें और पीली दाल का दान करें
- गुरुवार को केले के पेड़ की पूजा करें
- गुरु मंत्र – “ॐ बृं बृहस्पतये नमः” का 108 बार जप करें
📜 गुरु ग्रह का लघु स्तोत्र (Guru Graha Stotra – Short Version):
देवानां च ऋषीणां च गुरुं कांचनसन्निभम्।
बुद्धिभूतं त्रिलोकेशं तं नमामि बृहस्पतिम्॥
📜 गुरु ग्रह का विस्तृत स्तोत्र (Guru Graha Stotra – Long Version):
बृहस्पति सुराचार्य सर्वविद्या विशारद।
गुणदाता च धर्मज्ञो बुद्धिमांस्त्वं नमोऽस्तु ते॥
स्वर्णाभः पिंगलः श्रीमान् लोकत्रयहिते रतः।
सर्वशास्त्रप्रवक्ता च गुरुर्गुरुतमो भवेत्॥
सच्चिदानन्दरूपाय गुरवे ज्ञानमुर्तये।
नमः श्री बृहस्पतये सर्वविद्यानिपुणाय च॥
धर्मज्ञानप्रदाता त्वं, धन्यं यशस्विनं कुरु।
विवाह कार्य सिद्धिं च देहि मे गुरुनायक॥
गुरु ग्रह के उपाय और स्तोत्र का नियमित रूप से पालन करके आप अपने जीवन में शिक्षा, विवाह, धर्म और धन से जुड़े दोषों से मुक्ति पा सकते हैं और शुभता को प्राप्त कर सकते हैं।
